end-of-naxalism-after-demonetization-a-lie-5_-300x225बीएसएफ का स्थानीय आदिवासीयों पर अत्याचार इस सशस्त्र आंदोलन के लिए आग में घी का काम करते हैं, जब यही आदिवासी स्वयं पर हुए अत्याचार की एफआईआर लिखाने थाने जाते हैं तो पुलिस इनकी शिकायत सुनती ही नही, लिहाज़ा इनका आखरी सहारा इनकी अपनी सरकार ही बनती है, अपने ही भटके हुए भाईयों के दमन के लिए उनकी बहु बेटियों पर अत्याचार सिवाय बदले की भावना को भड़काने के और कोई समाधान लेकर सामने नही आता। यह झड़प कभी खत्म नही होगी, यह सोचना ग़लत है कि नक्सल आंदोलन ख़त्म हो गया है, इस आंदोलन की ताक़त सरकारी भ्रष्टाचार और आर्थिक असमानता है। जिन कारणों के चलते नक्सल आंदोलन आगे बढ़ा है वो आज भी मौजूद हैं।
धन व्यवस्था के लिए नक्सलियों तथा माओवादियों जो आज की तारीख में लगभग एक ही हो चुके हैं, उनका कारोबार पूर्ववत् ही चल रहा है, छत्तीसगढ़, बस्तर के सात जिलों में सरकार भी यह स्वीकार करती है कि माओवादी अपनी समानान्तर सरकार चला रहे हैं, नेता और सरकारी अफ़सरों से लेकर तेंदू-पत्ता और खनिज व्यापारी तथा अलग-अलग तरह के ठेकेदार अपने काम के एवज़ में माओवादियों को पैसा देते हैं, यह रकम करोड़ों में होती है। इस वसूली को लेवी कहा जाता है, माओवादियों की सरकार का राशन-पानी, दवा-दारू, गोला-बारुद और तमाम तरह के खर्चों का इंतजाम लेवी के रूप में वसूले गये करोड़ों रुपये से होता है। मई 2016 लोकसभा में एक शोध के हवाले से सरकार ने दावा किया था कि देश भर में माओवादी 140 करोड़ रुपये की लेवी वसूलते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस का दावा है कि अकेले बस्तर में माओवादी 1500 करोड़ रुपये की वसूली करते हैं। लेवी के रुप में वसूले गये रुपयों को जंगल में सुरक्षित ज़मीन के भीतर गाड़ कर रखते हैं. फिर उसका कुछ हिस्सा अपनी पीठ पर लेकर घूमते हैं, ज़मीन के भीतर गाड़ने या पीठ पर लेकर घूमने के लिये पांच सौ या हज़ार के नोट सुविधाजनक होते हैं, लेकिन अब सरकार की ओर से पुराने नोटों को बंद किये जाने से माओवादियों का यह खजाना खतरे में पड़ गया है। बस्तर के आईजी पुलिस शिवराम प्रसाद कल्लूरी का दावा है कि माओवादियों ने बस्तर में साढ़े सात हज़ार करोड़ रुपये बस्तर के जंगलों में दबा कर रखे हैं, लेकिन ये रुपये आते कहां से हैं, इस पर जब तक ध्यान नहीं दिया जाएगा, और जब तक रोक नहीं लगेगी, तब तक माओवादियों को स्थाई रूप से कोई आर्थिक नुकसान नही हो सकता।

ऋतु कृष्णा

Ritu Krishna

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